दमनगंगा–कोलक नदी प्रदूषण एवं वापी के केमिकल उद्योगों से फैल रहे वायु-जल संकट पर सांसद उमेश पटेल ने प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन, राष्ट्रीय स्तर की कार्रवाई की माँग।

दमन एवं दीव तथा दक्षिण गुजरात क्षेत्र में गहराते पर्यावरणीय संकट को लेकर दमन एंड दीव के माननीय सांसद श्री उमेश बाबूभाई पटेल ने आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए दमनगंगा एवं कोलक नदी में औद्योगिक जहरीले अपशिष्ट के कारण फैल रहे भू-गर्भ जल प्रदूषण तथा वापी के केमिकल उद्योगों से उत्पन्न वायु प्रदूषण पर तत्काल राष्ट्रीय स्तर की कार्रवाई की माँग की है।माननीय सांसद ने अपने ज्ञापन में कहा है कि दमनगंगा एवं कोलक नदी अब नदी न रहकर केमिकल नालों में तब्दील हो चुकी हैं। वर्षों से वापी के केमिकल प्लांट एवं दमन के फार्मा उद्योगों द्वारा छोड़े जा रहे जहरीले औद्योगिक अपशिष्ट के कारण दमन का भू-गर्भ जल गंभीर रूप से दूषित हो चुका है और पूरा क्षेत्र एक बड़े जनस्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ रहा है।उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में बोरवेल का पानी पीने योग्य नहीं रहा है, पानी में भारी धातुएँ और टॉक्सिक केमिकल पाए जा रहे हैं तथा कैंसर, किडनी, लीवर, त्वचा और सांस संबंधी बीमारियों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है।इसके साथ ही वापी के केमिकल उद्योगों से निकलने वाली जहरीली गैसों, धुएँ एवं एसिडिक फ्यूम्स के कारण पूरा क्षेत्र गैस चैंबर में बदलता जा रहा है, जिससे बच्चों में अस्थमा, एलर्जी, आंखों, त्वचा और फेफड़ों की बीमारियाँ बढ़ रही हैं तथा कृषि भूमि को भी भारी नुकसान हो रहा है।माननीय सांसद ने इस स्थिति को केवल पर्यावरणीय अपराध नहीं बल्कि मानव जीवन के अधिकार पर सीधा हमला बताते हुए इसे राष्ट्रीय आपदा की चेतावनी करार दिया है। *सांसद उमेश पटेल की प्रमुख माँगें:* 1) दमनगंगा एवं कोलक नदी को “Severely Polluted River Stretch” घोषित किया जाए2) वापी को Critically Polluted Industrial Area घोषित किया जाए3) CPCB, पर्यावरण मंत्रालय एवं जल शक्ति मंत्रालय की संयुक्त उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की जाए4) प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर FIR दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की जाए5) दोषी उद्योगों पर भारी Environmental Compensation लगाया जाए6) Zero Liquid Discharge व्यवस्था सख्ती से लागू की जाए7) दमन के भू-गर्भ जल संरक्षण हेतु विशेष National Groundwater Rejuvenation Package घोषित किया जाए8) जनता के लिए सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत की जाए9) प्रभावित लोगों के लिए विशेष स्वास्थ्य सर्वे एवं मुफ्त इलाज की योजना लागू की जाएमाननीय सांसद ने कहा कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो यह पूरा क्षेत्र स्थायी पर्यावरणीय आपदा में बदल सकता है और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।उन्होंने विश्वास जताया कि माननीय प्रधानमंत्री इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेकर राष्ट्रहित में कठोर और निर्णायक कदम उठाएंगे।
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