ट्रांसजेंडर अधिकारों पर कथित आघात के विरोध में एनसीपी (शरद पवार गुट) का प्रदर्शन।

मुंबई। ‘तृतीयपंथीय व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक 2026’ के विरोध में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के LGBTQ+ सेल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।पार्टी के LGBTQ+ सेल ने जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रस्तावित विधेयक NALSA बनाम भारत संघ (2014) के ऐतिहासिक निर्णय की भावना के विपरीत है। इस निर्णय ने ट्रांसजेंडर समुदाय को संवैधानिक पहचान और अधिकार प्रदान किए थे। सेल का आरोप है कि नए विधेयक में समुदाय के किसी भी वर्ग को विश्वास में नहीं लिया गया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।बयान में राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए इसे विफल करार दिया गया। सेल ने परिषद के सभी सदस्यों से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है।LGBTQ+ सेल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि यह विधेयक तुरंत वापस लिया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो समुदाय अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।यह निषेध पत्र पार्टी की राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एवं सांसद सुप्रिया सुळे को सौंपा गया। इस दौरान LGBTQ+ सेल की महाराष्ट्र राज्य प्रमुख प्रिया पाटील, राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिश गवांदे तथा समुदाय के प्रतिनिधि टैन, रुद्राणी और आदित्य उपस्थित रहे।
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