अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशानुसार तेरापंथ महिला मंडल लिलुआ द्वारा रूपांतरण एक्सप्रेस का छठा स्टेशन -शक्ति का आयोजन तेरापंथ भवन मे किया गया* |

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अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशानुसार तेरापंथ महिला मंडल लिलुआ द्वारा रूपांतरण एक्सप्रेस का छठा स्टेशन -शक्ति का आयोजन तेरापंथ भवन मे किया गया* | 🔯 *कार्यशाला का शुभारम्भ नमस्कार महामंत्र के सामूहिक संगान से हुआ* |✡️ *कार्यकारिणी की बहनों द्वारा प्रेरणा गीत का संगान किया गया* ।✡️ *श्रीमती सरिता कुण्डलिया ने समझाया कि”संयम” का अर्थ है आत्म-नियंत्रण (Self-control), संयम सुखी शांत जीवन का आधार है | कैसे हम अपने मन,वचन और काया को आत्म नियंत्रण कर सकते हैं अगर मन पर नियंत्रण कर लिया तो वचन और काया पर नियंत्रण स्वतः हो जाएगा | छोटे -छोटे त्याग -प्रत्याख्यान के द्वारा संयमित जीवन यापन कर सकते है |नवकारसी, मौन, चौविहार, सामायिक आदि धार्मिक वृत्तियाँ सयंम प्राप्त किया जा सकता है |आश्रव के कारण जीव संसार मे परिभ्रमण करता रहता है, एक मात्र संयमित जीवन ही मोक्ष की प्राप्ति मे सहायक है |असंयम के दुष्परिणामों से कोई भी परिवार, समाज या राष्ट्र अपरिचित नहीं है, सभी समस्याओं का मूल असंयम ही है, ज्यों -ज्यों इच्छाओं का विस्तार होता है त्यों -त्यों मानवीय मूल्यों का हास् होता है इसलिए शांति की स्थापना के लिए जीव सीमित पदार्थो का उपभोग करके भी सुखी रह सकता है, इसलिए हमें संयम को अपनाना चाहिए जो व्यक्ति मन, वचन और काया की प्रवित्रियों पर नियंत्रण कर लेते है वो शांतिमय आनंदमय जीवन यापन करते है* | *संयम खलु जीवनम -संयम ही जीवन है* ✡️ *कोषाध्यक्ष श्रीमती बबीता जैन ने संयम के बारे में सरलता से समझा ते हुए कहा कि मन की रागद्वेष मूलक प्रवित्रियों का निषेध करना ही संयम है |क्रोध, मान, माया, लोभ का त्याग कर शांतिमय जीवन यापन कर सकते है* |✡️ *श्रीमती मंजू बेंगाणी ने संयम के बारे में समझते हुए कहा कि हम छोटे -छोटे त्याग करके अपने जीवन को सुखी बना सकते है |आत्मनियंत्रण (self Control ) के द्वारा कठिन से कठिन त्याग भी कर सकते है यही संयमित जीवन की आधारशिला है |उपस्तिथ बहनों ने संयमित जीवन यापन का संकल्प किया* |✡️ *श्रीमती सरिता कुण्डलिया ने सबको दीर्घ श्वास प्रेक्षा का अभ्यास करवाया और उससे होने वाले फायदे के बारे मे बतलाया कि दीर्घ श्वास प्रेक्षा करने से एकाग्रता और जागरूकता बढ़ती है, विचार कम आते है, पाचन तंत्र ठीक रहता है, और आयुष्य बढ़ने से जीव दीर्घायु बनता है*| ✡ *कार्यशाला का कुशल संचालन तथा आभार ज्ञापन मंत्री श्रीमती सुनीता बैद ने किया*।🙏🙏*तेरापंथ महिला मंडल लिलुआ* *बेला पोरवाल* अध्यक्ष*सुनीता बैद* मंत्री।

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