कैसा यह ज्ञान का व्यापार है चीख रहा आज हर अखबार है।
Dr. Sandhya Meriya
कवयत्रि एण्ड लेखिका
कैसा यह ज्ञान का व्यापार है चीख रहा आज हर अखबार है।
हर गली कूचे में स्कूलों का अंबार है शिक्षा का जो धाम था, आज व्यापार का बाजार है।
फीस और डोनेशन के नाम पर हो रहा भ्रष्टाचार है।
अच्छी स्कूलों में एडमिशन लेने के लिए बालक को गर्भ में से ही कतार में लगना पड़ता है।
स्कूलों में पढ़ाई होती नहीं ट्यूशन का व्यापार है।
किताब, कॉपी, कपड़ों पर स्कूल का अधिकार है।
बड़ी-बड़ी स्कूलों पर आज मात्र अमीरों का अधिकार है।
कैसा यह ज्ञान का व्यापार है चीख रहा आज हर अखबार है।
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