समता की साधना का अनूठा प्रयोग-अभिनव सामायिक।
समता की साधना का अनूठा प्रयोग-अभिनव सामायिक।अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के निर्देशन में अभातेयुप राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पंकज डागा के नेतृत्व में तेरापंथ युवक परिषद वापी ने जैनों के प्रमुख पर्व पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन अभिनव सामायिक का आयोजन किया।प्रवक्ता उपासिका संगीता जी पोरवालसहयोगी उपासिका पुष्पा जी नौलखा के सान्निध्य में सामायिक हुई।परिषद अध्यक्ष विजय बोथरा ने बताया कि अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की 355 शाखाएं पूरे देश व नेपाल मे प्रतिवर्ष पर्युषण महापर्व के दौरान अभिनव सामायिक का आयोजन करवाती हैउपासिका संगीता जी पोरवाल ने बताया कि जैन धर्म मे सामायिक का विशेष महत्व माना जाता है।सामायिक को समता की साधना और आत्मा को निर्मल करने का महत्वपूर्ण उपक्रम बताया गया है।सामायिक में व्यक्ति 48 मिनट के लिए सारे सांसारिक कार्यो का त्याग करके आध्यात्म साधना में लीन हो जाता है। अभातेयुप सदस्य संजय भंडारी ने बताया कि समाज में आध्यात्मिक विकास हेतु तेरापंथ धर्म संघ के ग्यारहवें आचार्य श्री महाश्रमण जी के इंगित अनुसार हमारी संस्था समय समय पर ऐसे कार्य आगे भी करती रहेगी। महासभा सदस्य श्री रमेश कोठारी ,सभा अध्यक्ष महेंद्र मेहता और उनकी पूरी टीम, महिला मंडल अध्यक्ष करुणा वागरेचा और उनकी पूरी टीम व संपूर्ण श्रावक समाज की अच्छी उपस्थिति रही। ये सारी जानकारी परिषद मीडिया प्रभारी कुलदीप कोठारी ने दी।
प्लीज लाइक सेयर एण्ड कॅमेन्ट करे।
Average Rating