जय छठी मइया के! हमार सभे भाई-बहिनी के प्रणाम बा।

अहमदाबाद में साबरमती नदी के तट पर आयोजित ‘छठ महापर्व 2025’ कार्यक्रम में छठी मैया की आरती में शामिल होकर मन को असीम शांति का अनुभव हुआ।यह पर्व अब मात्र बिहार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अपनी सादगी, पवित्रता और आस्था के कारण इसने गुजरात सहित पूरे भारत में अपनी जगह बना ली है। गुजरात की पावन भूमि पर इस महापर्व का इतना भव्य आयोजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को सच्चे अर्थों में साकार करता है।बिहार और गुजरात का संबंध बहुत पुराना और गहरा है। बिहार के मेहनतकश लोगों ने गुजरात के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है, और यहाँ की संस्कृति को समृद्ध किया है। मुझे इस बात की खुशी है कि गुजरात की धरती को आप सबने अपना माना और प्रेम से यहाँ के लोगों के साथ घुलमिल गए।भारत सरकार छठ पूजा को युनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूचि में शामिल करने के लिए प्रयासरत है। हाल ही में मैंने चुनाव प्रचार के लिए बिहार का दौरा किया। जनसभाओं में लोगों के जोश और उत्साह को देखकर मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस बार भी बिहार की जनता माननीय मोदीजी के नेतृत्व में एनडीए सरकार को ऐतिहासिक विजय दिलाएगी। छठ महापर्व के इस अद्भुत आयोजन के लिए सभी आयोजकों को हार्दिक बधाई। भगवान सूर्य नारायण और छठी मैया की कृपा सब पर बनी रहे, और हमारा राज्य तथा देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हो, यही कामना है।
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