रक्तदान के नये विश्व-कीर्तिमान की ओर अ.भा.ते.यु.प. के बढ़ते चरण(मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव 17 सितम्बर, २०२२)

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रक्तदान के नये विश्व-कीर्तिमान की ओर अ.भा.ते.यु.प. के बढ़ते चरण(मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव 17 सितम्बर, २०२२) विश्व की सर्वाधिक रक्तदाता संस्था अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् ने अपने कर्मठ, युवा, उत्साही एवं देश भक्ति की भावना से ओत-प्रोत हजारों-हजारों युवाओं के सकारात्मक सक्रिय सहयोग से, देश के नगरों, महानगरों, कस्बों तथा सुदूर ग्रामीण अंचलों में फैली 350 से अधिक शखाओं के बल पर, रक्तदान के महाभियान ‘‘मेगा ब्लड डोने”न ड्राइव’’ (MBDD) के माध्यम से, आगामी 17 सितम्बर, 2022 को ‘‘रक्तदान का नया इतिहास’’ रचने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। हमारा लक्ष्य देश और विदेश में प्रवासित भारतीय नागरिकों के माध्यम से लगभग 2000 रक्तदान शिविरों का आयोजन कर अनुमानत: 1,50,000 यूनिट से अधिक रक्तदान करवाना है।विशेष उल्लेखनीय है कि न केवल भारत में अपितु विदेश में प्रवासित भारतीय नागरिकों के माध्यम से लगभग 18 देशो में 36 रक्तदान शिविर आयोजित करवा कर गौरवशाली सनातन परम्परा ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम’’ की भावना को साकार रूप प्रदान करना है। जैसा हम सभी जानते हैं कि गत दो-तीन वर्षो से सम्पूर्ण वि”व को अपने क्रूर ताण्डव से संत्रस्त करने वाली महामारी कोविड-19 के भय से स्वैच्छिक रक्तदान के क्षेत्र में भारी कमी आई है। साधारण जनसमुदाय चिकित्सालय, चिकित्सा-उपकरण एवं चिकित्सा-कर्मियों के सम्पर्क में आने से कतराने लगा हैं। ऐसी स्थिति में ब्लड-बैंकों में जमा रक्त एवं रक्त से संबंधित अन्य घटकों में कमी आना स्वाभाविक है। ऐसी विकट परिस्थिति में यदि किसी को खून की अपेक्षा हो तो एक मात्र ‘रक्त के बदले रक्त’ का विकल्प शेष रहता है। अर्थात रक्त की जरूरत महसूस करने वाले रोगी के परिजनों को पहले अपना रक्त ब्लड बैंक में जमा करने पर बदले में उतना ही यूनिट अपेक्षित रक्त उपलब्ध करवाया जा सकता है। रोगी के परिजन अपना खून भी देने के लिए तैयार हो जाते हैं परन्तु कई बार इच्छित ब्लड-ग्रुप का रक्त ब्लड-बैंक में उपलब्ध नहीं होने पर समस्या विकराल हो जाती है। रक्त का कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। एक सौ पैंतीस करोड़ की जनसंख्या वाले हमारे देश में लगभग 52 करोड़ ऐसे स्वस्थ व्यक्तियों की विशाल संख्या उपस्थित है जो स्वैच्छिक रक्तदान करे तो देश के ब्लड-बैंकों में कभी कोई कमी नहीं आ सकती। भारत में रक्तदान नियमों के अनुसार कोई भी स्वस्थ व्यक्ति 18 से 65 वर्ष की आयु तक प्रति तीन माह में एक बार स्वैच्छिक रक्तदान कर सकता है। इस संदर्भ में यह ध्यातव्य है कि जहाँ एक ओर मानव शरीर की अस्थि-मज्जा में नये रक्त-निर्माण की प्रक्रिया सतत चालू रहती है, वहीं पुरानी रक्त-कणिकाएं अपनी लगभग 120 दिन की आयु पूरी करके नये रक्त के लिए स्थान प्रदान करती रहती है। हमारे शरीर में 5 से 6 लीटर रक्त हर समय रक्त-वाहिकाओं के माध्यम से सतत प्रवाहित होता रहता है। एक स्वस्थ व्यक्ति एक से दो यूनिट रक्त का दान स्वैच्छा से कर सकता है। अभातेयुप के राष्ट्रिय अध्यक्ष पंकज डागा ने बताया की माननीय प्रधानमंत्रीजी के नेतृत्व में हमने कोविड-19 की जंग को जीता है। देश के सभी नागरिकों का जीवन भारत-सरकार द्वारा निशुल्क वेक्सीनेशन के माध्यम से सुरक्षित हुआ है। मृत्यु अटल सत्य है परन्तु यह हमारा नैतिक दायित्व है कि हम स्वैच्छिक रक्तदान द्वारा देश के ब्लड बैंकों को इतना समृद्ध कर दें कि खून की कमी से कोई व्यक्ति असमय काल का ग्रास न बने। जन-समूह में जागरूकता पैदा करने और उन्हें स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आगामी 17 सितम्बर, 2022 को देश के सभी राज्यों और केन्दशासित प्रदेश के कस्बों, नगरों, महानगरों सहित ग्रामीण अंचलों में लगभग 2000 रक्त-संग्रह-बूथ स्थापित कर रक्तदान का महा-अभियान चलाया जायेगा। इतने विशाल स्तर पर एक-दिन, एक समयावधि में आयोजित यह रक्तदान अभियान अब तक की अवधि में रक्तदान के संदर्भ में विश्व भर में पहला अभियान होगा जो एक नया विश्व कीर्तिमान गढ़ने की ओर उठाया गया अ.भा.ते.यु.प. का सशक्त और प्रभावी कदम बनेगा। ध्यातव्य है कि इसी प्रकार के रक्तदान शिविर के माध्यम से 06 सितम्बर, 2014 को देश के 286 स्थानों पर 682 रक्तदान-शिविरों के माध्यम से 100212 यूनिट रक्त-संग्रह के साथ संस्था ने गिनिज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम अंकित करवाया था। यह भी विशेष उल्लेखनीय है कि 17 सितम्बर, 2022 को अखिल भारतीय युवक परिषद अपने 58वें स्थापना दिवस को मना रहा है, इसी के साथ एक सुखद संयोग का प्रसंग और जुड़कर इस दिन को विशेष महत्व प्रदान कर रहा है कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी का 72वां जन्मदिवस भी इसी दिन है। संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री पवन मांडोत ने बताया कि उपरोक्त महा-अभियान को सफल बनाने की दिशा में विगत लगभग चार माह से देश भर में सक्रिय 350 से अधिक तेरापंथ युवक परिषद के हजारों कार्यकर्ता स्वयंसेवकों की विशाल टीम एक महान उद्देश्य के साथ प्राय: सभी राज्यों में मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, राजनेताओं, उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों, विभिन्न कम्पनियों, निगमों के कार्यकारी अधिकारियों, सुप्रसिद्ध अभिनेताओं, मोटिवेशनल गुरुओं, धार्मिक संगठनों एवं धर्मगुरुओं के साथ-साथ जन-साधारण से भेंट कर उन्हें मानव-सेवा के इस अनूठे यज्ञ में अपनी क्षमता और योग्यता के अनुसार आहूति समर्पित करने हेतु प्रेरित करने का सतत प्रयास कर रहे हैं। यह विशेष उल्लेखनीय है कि अब तक सैंकड़ों नेताओं, अभिनेताओं, धर्म-गुरुओं, विभिन्न गैर-सरकारी-संगठनों जैसे -राबिनहुड आर्मी, मारवाड़ी युवा मंच, भारतीय जनता युवा मोर्चा, आगाखान सोसायटी, इंडियन रेड क्रास सोसायटी, सेवा ही संगठन, कच्छ युवक संघ, राटरी क्लब, लायन्स क्लब, बी.जे.एस. जीतो आदि के साथ-साथ भारत-सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं रेल मंत्रालय का सम्पूर्ण नैतिक समर्थन प्राप्त हुआ है। मार्केटिंग की आधुनिक शैली अपनाते हुए विविध प्रकार की ब्रांडिंग सामग्री जैसे – रक्तदान संबंधी गीत, मोबाइल कालर ट्यून , टेबलटाप, टीशर्ट, दुपट्टा, कुर्ते, जैकेटस, साड़ी, टोपी, बिलों एवं रसीदों में वाटरमार्क, रेलवे स्टेशनों पर मोटीवेशनल अनाउंसमेंट, बाल-पेन, कापी आदि का निर्माण कर रक्तदाता को प्रेरित किया जा रहा है। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के महत्वपूर्ण प्रकल्प ‘‘मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव’’ के रा’ट्रीय संयोजक हितेश भांडिया ने एम.बी.डी.डी. रक्तदान महाभियान के सन्दर्भ में अभातेयुप की दूरदर्शी सोच को उजागर करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य मात्र रक्तदान के द्वारा रक्त एकत्रित करना ही नहीं अपितु इसके माध्यम से ई-रक्तकोश पर एक ऐसा डाटा-बैंक तैयार कर देश को समर्पित करना है कि भविष्य की आपातकालीन परिस्थितियों में इस डाटा के माध्यम से रक्तदाताओं से पुन: सम्पर्क कर रक्त आवश्यकताओं की सहज पूर्ति की जा सके। साथ ही साथ रक्तदाताओं के मन में देश भक्ति की भावना का संचार करते हुए देश के क्षितिज पर उनके द्वारा रक्तदान के माध्यम से प्रदान अमूल्य जीवनदान को इस प्रकार प्रतिष्ठित करना है कि उसके आगे सभी दान गौण महसूस हो। जरुरतमंदों को रक्तदान यानि नया जीवनदान। ‘‘मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव’’ के राष्ट्रीय सह-संयोजक सौरभ पटावरी ने MBDD को प्राप्त व्यापक समर्थन की चर्चा करते हुए कहा कि यह हमारे लिए अत्यत गौरव एवं गर्व की बात है कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रतीक चिन्ह (लोगो) की छाया में काम करने का अवसर हमें मिला और इसी के साथ नेशनल हैल्थ मिशन तथा स्टेट ब्लड ट्रांसफ्युजन काउन्सिल जैसी प्रतिष्ठित सरकारी संस्थाओं का पूर्ण समर्थन एवं सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। साथ ही साथ विश्व के सबसे बड़े रेल नेटवर्क ‘‘भारतीय रेल’’ के माध्यम से लगभग सभी रेलवे स्टेशनों पर इस रक्तदान अभियान को प्रमोट करने हेतु मोटीवेशनल अनाउसमेंट भी किया जा रहा है। राष्ट्रसंत आचार्य तुलसी की दूर दृष्टि युक्त सदप्रेरणा से स्थापित, प्रेक्षा-प्रणेता आचार्य महाप्रज्ञ की अमृतमयी प्रेक्षा-साधना से सिंचित और युगप्रधान आचार्य महाश्रमण के सतत आध्यात्मिक मार्गदर्शन में मानव सेवा को समर्पित अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद एक ऐसा गैर-सरकारी संगठन है जिसने बहु-आयामी सेवा कार्यों से तेरापंथ धर्मसंघ के साथ-साथ सम्पूर्ण जन-मानस में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इस संगठन द्वारा किये जा रहे जनोपयोगी सेवाकार्यो की लम्बी सूची में से कुछ चुने हुए कार्य निम्नानुसार है - 11 राज्यों में 66 आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेन्टर के माध्यम से उच्च-गुणवत्ता युक्त रोग-निदान एवं जांच कार्य। सर्वाधिक रक्तदाता संस्था द्वारा निरन्तर गतिशीलता के साथ स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का अनवरत आयोजन। नेत्रदान की प्रेरणा के साथ प्रतिवर्ष सैंकड़ों नेत्रदान कार्य। बाढ़, भूकम्प, प्राकृतिक आपदाओं के समय तेरापंथ टास्क-फोर्स के माध्यम से जनसेवा। भारत-सरकार के नेशनल डिजास्टर रिस्पान्स फोर्स से प्रशिक्षित युवाओं को इस टास्क-फोर्स में शामिल किया जाता है। रक्तदान के क्षेत्र में संस्था की कुछ उपलब्धियों पर भी प्रसंगवश दृष्टिपात उपयुक्त है – • 17 सितम्बर, 2012 को देश में 276 शहरों एवं कस्बों में 651 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 96,600 यूनिट रक्त संग्रह का कीर्तिमान।• 06 सितम्बर, 2014 को देश के 286 स्थानों पर 682 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 100212 यूनिट रक्त-संग्रह। गिनिज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज।• 2016 में एक वर्ष तक निरन्तर 366 दिन तक 410 स्थानों पर 468 रक्तदान शिविरों के साथ विश्व में सबसे लम्बे समय तक निरन्तर चलने वाले रक्तदान अभियान के रूप में इण्डिया बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम अंकित हुआ।• सन 2020 में कोविड-19 की विकट परिस्थितियों व लाकडाउन की स्थिति में भारत सरकार के अनुरोध पर लगभग 55000 यूनिट रक्तदान एवं एक माह में 2000 यूनिट प्लाज्मा डोनेशन के साथ एशीया बुक आफ रिकार्ड, इण्डिया बुक आफ रिकार्ड, इण्डिया बुक आफ रिकार्ड, ग्लोबल रिर्कार्ड एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन, एशीया पेसिफिक रिकार्डस और ग्लोबल रिकाडर्स में नाम अंकित हुआ।आज के कार्यक्रम में महासभा से श्री रमेश जी कोठरी,सभा से श्री गुलाब जी,श्री ललित जी ,अभातेयूप से श्री संजय जी भंडारी, तेयूप अध्यक्ष श्री विजय जी बोथरा, तेयूप मंत्री श्री मुकेश जी वागरेचा सम्मिलित हुवे।श्री संजय जी ने बताया कि वापी में निम्नलिखित स्थानों पर कैंप का आयोजन किया जा रहा है।*👇वापी एवं आसपास के मुख्य स्थानों पर रक्तदान शिविर👇*1️⃣तेरापंथ भवन गुंजन2️⃣VIA ऑडिटोरियम,चार रास्ता3️⃣वापी टाउन (महात्मा गांधी मार्केट के पास मेन बाजार रोड )4️⃣लाइंस ब्लड बैंक5️⃣प्रमुख ग्रीन्स, चला6️⃣प्रमुख डेस्टिनी(छीरी)7️⃣हरिया हॉस्पिटल8️⃣ सामरवाणी पंचायत भवन, सिलवासा9️⃣दुग्गड पॉलिमर्स1️⃣0️⃣DIA सोमनाथ डाभेल1️⃣1️⃣सेलो, भिलाड_आप सभी से निवेदन नजदीकी रक्तदान शिविर में जाकर रक्तदान जरूर करें_*_तेरापंथ युवक परिषद्, वापी_।

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