वापी-वलसाड-दमन क्षेत्र में गंभीर औद्योगिक प्रदूषण पर माननीय सांसद उमेश वावूभाई पटेल की केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से मुलाकात – ठोस कार्रवाई का आश्वासन।

दमन-दीव लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद श्री उमेश बाबूभाई पटेल ने आज भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह जी से मुलाकात कर वापी-वलसाड-दमन औद्योगिक क्षेत्र में Red Category औद्योगिक इकाइयों द्वारा हो रहे गंभीर एवं निरंतर पर्यावरणीय उल्लंघनों के संबंध में एक विस्तृत औपचारिक शिकायत पत्र सौंपा।माननीय सांसद ने मंत्री जी का ध्यान इस तथ्य की ओर आकृष्ट कराया कि यह क्षेत्र पूर्व में माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Critically Polluted Area के रूप में चिन्हित किया जा चुका है, इसके बावजूद Air Act, Water Act, Environmental Clearance, OCEMS/CEMS, AQI Display Board, Fire Safety तथा न्यायालयीन आदेशों का जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर उल्लंघन जारी है।सांसद श्री पटेल ने बताया कि उपलब्ध रिपोर्टों एवं दस्तावेज़ी साक्ष्यों के अनुसार क्षेत्र में:जीवन प्रत्याशा राष्ट्रीय औसत से लगभग 50% तक कम- PM2.5, PM10 एवं भारी धातुओं का स्तर WHO मानकों से कई गुना अधिक- प्रदुषण के चलते वापी क्षेत्र के आसपास के विस्तार, वलसाड़, कोलक दमन सहित क्षेत्र में कैंसर एवं श्वसन रोगों की असामान्य रूप से ऊँची दरयह स्थिति अब केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि गंभीर जन-स्वास्थ्य आपदा का रूप ले चुकी है।माननीय सांसद ने मंत्रालय से मांग की किः- क्षेत्र में स्वतंत्र एवं समयबद्ध पर्यावरणीय ऑडिट कराया जाए- OCEMS/CEMS एवं AQI डेटा का Real-time सार्वजनिक प्रदर्शन अनिवार्य किया जाए- गंभीर उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई एवं पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लागू की जाए- प्रभावित नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच एवं राहत व्यवस्था सुनिश्चित की जाएमुलाकात के दौरान माननीय केंद्रीय मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह जी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया तथा संबंधित एजेंसियों से रिपोर्ट मंगाकर आवश्यक कदम उठाने की बात कही।इस अवसर पर माननीय सांसद उमेश बाबूभाई पटेल ने कहा:”यह लड़ाई उद्योग के विरुद्ध नहीं, बल्कि जनता के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वच्छ पर्यावरण हर नागरिक का अधिकार है। जब न्यायालयों के आदेशों का भी उल्लंघन हो, तब जनप्रतिनिधि का मौन रहना अपराध होगा।”माननीय सांसद ने स्पष्ट किया कि वे इस विषय पर निरंतर निगरानी रखेंगे और जब तक जनता को राहत नहीं मिलती, यह मुह हर उचित मंच पर उठाया जाता रहेगा।
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