अभाविप लॉ सेंटर द्वारा “नारी टॉक्स 2.0” भाषण प्रतियोगिता का किया आयोजन,*महिला सशक्तिकरण ही विकसित राष्ट्र की कुंजी: अश्वनी शर्मा।

अभाविप लॉ सेंटर द्वारा “नारी टॉक्स 2.0” भाषण प्रतियोगिता का किया आयोजन,*महिला सशक्तिकरण ही विकसित राष्ट्र की कुंजी: अश्वनी शर्मा।
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दिल्ली-से सुधार कुमार

भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की लॉ सेंटर II इकाई द्वारा “नारी टॉक्स 2.0” के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला-केंद्रित मुद्दों पर विचार अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना तथा समाज में महिलाओं की शक्ति, दृढ़ता और उपलब्धियों का उत्सव मनाना रहा। इस अवसर पर छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और महिला सशक्तिकरण, समानता एवं नेतृत्व से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट वक्तृत्व कौशल का प्रदर्शन करते हुए अपने विचारों के माध्यम से प्रेरणादायक दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। इस प्रतियोगिता में न केवल जागरूकता को बढ़ावा दिया, बल्कि विद्यार्थियों के बीच सकारात्मक संवाद को भी प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम के दौरान लॉ सेंटर II की शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण, परिश्रम और सर्वांगीण उत्कृष्टता को पहचान देने के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों को भी विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने हेतु प्रेरित करने का एक प्रयास है।कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्वनी शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय इतिहास में महिलाओं के उल्लेखनीय योगदान को रेखांकित करते हुए कहा,“अहिल्याबाई होलकर से लेकर अमृता देवी और मीराबाई तक, भारतीय इतिहास साहस, नेतृत्व और समाज सेवा का परिचय देने वाली प्रेरणादायक महिलाओं से परिपूर्ण है। उनके जीवन आज भी युवाओं को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण हेतु प्रेरित करते हैं।”लॉ सेंटर II की इकाई अध्यक्ष मानसी कुमारी ने कहा“नारी टॉक्स 2.0 हमारे उस संकल्प को दर्शाता है, जिसके माध्यम से हम युवा महिलाओं में जागरूकता, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से हम सार्थक संवाद को बढ़ावा देते हैं, जो एक अधिक न्यायसंगत, समान और सशक्त समाज के निर्माण में सहायक है।

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