अभाविप ने महाविद्यालय से संबंधित समस्याओं को लेकर 30 से अधिक महाविद्यालयों में किया आंदोलन।

दिल्ली से सुधीर कुमार
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय के 30 से अधिक कॉलेजों में वहाँ की स्थानीय और मूलभूत समस्याओं के समाधान हेतु एक व्यापक व निर्णायक आंदोलन किया। इस विरोध प्रदर्शन में विश्वविद्यालय के 4000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे कैंपस के शैक्षणिक वातावरण में व्याप्त अव्यवस्थाओं के विरुद्ध छात्रों का रोष स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह आंदोलन कॉलेजों में जर्जर बुनियादी ढांचे, हॉस्टल सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक अक्षमता जैसे गंभीर मुद्दों को केंद्र में रखकर किया गया।आंदोलन के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं ने विभिन्न कॉलेज परिसरों में शांतिपूर्ण परंतु प्रखर तरीके से अपनी माँगें रखीं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कॉलेज प्राचार्यों और प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर यह स्पष्ट किया कि यदि छात्रों की मूलभूत सुविधाओं में तत्काल सुधार नहीं किया गया, तो परिषद आने वाले दिनों में और भी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।छात्रों की भारी संख्या और उनके उत्साह ने यह सिद्ध कर दिया कि छात्र अब अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हैं और वे किसी भी प्रकार की प्रशासनिक ढिलाई को बर्दाश्त करने के पक्ष में नहीं हैं।अभाविप दिल्ली यह स्पष्ट कहना है कि कॉलेज प्रशासन अपनी उदासीनता को त्यागकर छात्रों की माँगें पूरी करे। हम प्रत्येक छात्र को न्याय दिलाने और उनके शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह आंदोलन तब तक नहीं थमेगा जब तक अंतिम छात्र की समस्या का समाधान नहीं हो जाता।अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि अभाविप ने आज श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय, रामजस महाविद्यालय सहित 30 से अधिक कॉलेजों में प्रदर्शन किया। अभाविप का यह संघर्ष उन स्थानीय मुद्दों के खिलाफ है जो वर्षों से छात्रों के शैक्षणिक जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। 4000 से अधिक विद्यार्थियों का इस आंदोलन में शामिल होना यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की बुनियादी जरूरतों को अनदेखा कर रहा है।
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