राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर जवाहर कला केंद्र में आयोजित राज्य स्तरीय विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

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राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर जवाहर कला केंद्र में आयोजित राज्य स्तरीय विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस दौरान प्रदेश प्रभारी श्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी अध्यक्ष श्री गोविन्द सिंह डोटासरा, मंत्रीगण, विधायकगण साथ रहे।25 विभागों की सभी स्टॉल्स पर जाकर विभागों द्वारा करवाए गए विकास कार्यों, उपलब्धियों एवं नवाचारों का अवलोकन किया। सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाकर अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। ‘सेवा ही कर्म, सेवा ही धर्म’ का संदेश देती विकास प्रदर्शनी में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में विभिन्न क्षेत्रों में करवाए गए विकास कार्यों एवं योजनाओं के फोटो, स्कैच, मॉडल्स एवं प्रकाशन सहित अन्य सामग्री को देखा। सरकार के सुशासन के संकल्प को दर्शाती प्रदर्शनी सराहनीय है। इससे आमजन को सरकार के कल्याणकारी फैसलों, कार्यक्रमों, नीतियों और योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी।कृषि विभाग की स्टॉल पर ऋण माफी के लाभार्थी किसानों से संवाद किया। साथ ही प्रगतिशील किसान से मुलाकात कर उनके नवाचारों को सराहा। प्रदर्शनी में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सुजस ऐप, सुजस बुलेटिन, सुजस ई-बुलेटिन एवं सुजस पॉडकास्ट ‘आवाज’ का लोकार्पण किया। प्रदर्शनी स्थल पर बने सुजस स्टूडियो से प्रदेशवासियों के नाम सरकार के 4 वर्ष पूरे होने पर वीडियो संदेश भी रिकॉर्ड किया। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की स्टॉल पर दुर्घटनाग्रस्त पीड़ितों की जान बचाने के लिए दिए जाने वाले प्रशिक्षण का लाइव डेमो देखा। प्रदर्शनी में लगाये गए मोबाईल स्टूडियो में 7-डी सिनेमा का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी के दौरान स्कूली छात्राओं ने राज्य सरकार की ओर से बालिकाओं को दी जा रही आत्मरक्षा प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। हमने चुनावी घोषणा पत्र को सरकारी दस्तावेज बनाकर वादों को पूरा किया है। हमने जनता की भावनाओं के अनुरूप जन घोषणा पत्र बनाया, जिसको आधार बनाकर नीति निर्माण एवं क्रियान्वयन का कार्य किया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा के लिए लगभग 1 करोड़ लोगों को पेंशन दी जा रही है। आईटी का इस्तेमाल करते हुए प्रदेश में एक जवाबदेही और पारदर्शी सुशासन स्थापित करने का कार्य राज्य सरकार ने किया है। भ्रष्ट कार्मिकों के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इंदिरा रसोई योजना में आमजन को पौष्टिक भोजन 8 रूपए में सम्मान के साथ परोसा जा रहा है। प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं के माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए 800 करोड़ रूपए की ‘उड़ान योजना‘ के माध्यम से निःशुल्क सैनेटरी नेपकिन का वितरण किया जा रहा है। सरकार की योजनाओं से आज 46 लाख घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों का बिजली बिल शून्य आ रहा है। इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्र के बेरोजगारों को राहत दी जा रही है।राज्य सरकार की प्रत्येक योजना के केन्द्र में गरीब एवं वंचित लोग हैं। आमजन को महंगे उपचार से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की है। इसमें 10 लाख रूपए तक का निःशुल्क उपचार मिल रहा है। किडनी, हार्ट, लीवर ट्रांसप्लांट जैसे महंगे इलाज में 10 लाख की सीमा समाप्त कर सारा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। साथ ही, 5 लाख रूपए तक का दुर्घटना बीमा भी दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा आईपीडी, ओपीडी में सभी प्रकार के उपचार निःशुल्क कर दिए गए हैं। प्रदेश में आमजन की सीटी स्केन, एम.आर.आई. स्केन जैसी महंगी जांचें निःशुल्क की जा रही हैं। इन ऐतिहासिक निर्णयों से राजस्थान स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मॉडल स्टेट बनकर उभरा है। राज्य सरकार ने प्रदेश में मानवीय दृष्टि से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू किया। उन्होंने कहा कि हमारा वित्तीय प्रबंधन बेहतरीन रहा है, जिससे प्रदेश में सभी योजनाओं का सफल क्रियान्यावन हो रहा है। केंद्र सरकार भी ओपीएस लागू करे ताकि कार्मिकों में अपने भविष्य के प्रति सुरक्षा की भावना आए। हमारी सोच सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की है। केन्द्र सरकार को पूरे देश में एक समान सामाजिक सुरक्षा पॉलिसी लागू करनी चाहिए, ताकि वृद्धजनों, दिव्यांगों और विधवाओं को जीवनयापन में आसानी हो सके। राज्य सरकार के अभी तक के सारे बजट आमजन को राहत पहुंचाने वाले रहे है। आने वाले बजट के लिए राज्य सरकार द्वारा आमजन से सुझाव मांगे गए हैं। अब तक 70 हजार से अधिक सुझाव राज्य सरकार को प्राप्त हो चुके हैं। आने वाला बजट आमजन की भावनाओं के अनुरूप तैयार होगा।राज्य के 13 जिलों में आमजन और किसानों के लिए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस योजना से राजस्थान के एक बड़े क्षेत्र में पेयजल व सिंचाई जल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। केंद्र सरकार को जल्द से जल्द ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करनी चाहिए। अनावश्यक देरी से परियोजना की लागत बढ़ेगी व प्रदेशवासी परियोजना के लाभ से वंचित होंगे। गत बजट में राज्य सरकार द्वारा ईआरसीपी के लिए 9600 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा ना मिलने तक राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों से इसे आगे बढ़ायेगी।कोरोनाकाल में बेहतरीन चिकित्सा प्रबंधन के जरिए राजस्थान पूरे देश में अग्रणी रहा। कोरोना महामारी के सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन के लिए ‘भीलवाड़ा मॉडल‘ की पूरी दुनिया में सराहना हुई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी राजस्थान की तारीफ की। प्रदेश के हर चिकित्सालय में ऑक्सीजन, आवश्यक दवाईयों और बेड्स की अतिरिक्त व्यवस्था की गई। इसी का परिणाम रहा है कि अन्य राज्यों के मुकाबले राजस्थान में मृत्युदर काफी कम रही। 500 से अधिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की गई, जिनमें ग्राम पंचायत स्तर तक के सदस्य जुड़े। दवाईयों एवं चिकित्सा उपकरणों के प्रबंधन, लॉकडाउन के दौरान रोजगार खोने वाले मजदूर वर्ग, ठेले-रेहड़ी वालों का सर्वे किया गया। इस दौरान लाखों लोगों के खातों में आर्थिक सहयोग राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई। उल्लेखनीय है कि सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के समन्वय से लगाई गई इस प्रदर्शनी में कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग, सहकारिता विभाग, आरसीडीएफ (डेयरी), गौपालन विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, श्रम एवं नियोजन, सार्वजनिक निर्माण, परिवहन एवं सड़क सुरक्षा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयोजना, राजस्थान आवासन मण्डल, नगरीय विकास विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, स्वायत्त शासन, नगर निगम जयपुर-हेरिटेज, नगर निगम जयपुर-ग्रेटर, सूचना एवं जनसम्पर्क, शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला एवं बाल विकास, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, उद्योग, ऊर्जा, गृह, वन, पर्यटन सहित अन्य विभागों द्वारा चार साल में लिए गए फैसलों, विकास कार्यों, योजनाओं एवं उपलब्धियों का आकर्षक ढंग से प्रदर्शन किया गया है। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री गोविंद राम मेघवाल, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्रीमती शकुंतला रावत, अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद, सूचना एवं जनसंपर्क राज्य मंत्री श्री अशोक चांदना, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, पूर्व शिक्षा मंत्री श्री गोविंद सिंह डोटासरा, मुख्यमंत्री सलाहकार श्री संयम लोढ़ा, मुख्य सचिव श्रीमती उषा शर्मा, पुलिस महानिदेशक श्री उमेश मिश्रा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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