44वें शतरंज ओलंपियाड की मशाल रिले पहुंची दमण दमण पहुंचने पर विवेकानंद ऑडिटोरियम में हुआ भव्य स्वागत संघ प्रदेश के माननीय प्रशासक ने आगे की यात्रा के लिए शतरंज ग्रैंड मास्टर को सौंपी मशाल माननीय प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए कदमों के बदौलत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल जगत में हो रहा है भारत का नाम रोशन।

Views: 364
1 0

Read Time:9 Minute, 49 Second

44वें शतरंज ओलंपियाड की मशाल रिले पहुंची दमण दमण पहुंचने पर विवेकानंद ऑडिटोरियम में हुआ भव्य स्वागत संघ प्रदेश के माननीय प्रशासक ने आगे की यात्रा के लिए शतरंज ग्रैंड मास्टर को सौंपी मशाल माननीय प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए कदमों के बदौलत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल जगत में हो रहा है भारत का नाम रोशनदमण (01/07/2022 )शतरंज ओलंपियाड के इतिहास में पहली बार ओलंपियाड की तर्ज पर शुरू की गई मशाल रिले आज दमण पहुंची। दमण पहुंचने पर रंगारंग कार्यक्रम के साथ इसका भव्य स्वागत किया गया। मशाल रिले दमण दाभेल चेक पोस्ट, सोमनाथ, डेल्टीन होटल, फुटबॉल मैदान, राजीव गाँधी पुल, मशाल चौक आदि विभिन्न मार्गों से होते हुए विवेकानंद ऑडिटोरियम पहुंचा जहाँ मशाल रिले के सम्मान में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसके मुख्य अतिथि संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमण एवं दीव के माननीय प्रशासक श्री प्रफुल पटेल थे।कार्यकम के प्रारंभ में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में संघ प्रदेश के 75 शतरंज खिलाड़ियों को ग्रैंड मास्टर तेजस बाकरे, अंकित राजपरा और वुमेन अंतर्राष्ट्रीय मास्टर जानी दवे के साथ शतरंज मैच खेलने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ। इस अवसर पर माननीय प्रशासक ने ग्रैंड मास्टर तेजस बाकरे के साथ शतरंज की बाजी खेली। तदुपरांत ग्रैंड मास्टर अंकित राजपरा ने माननीय प्रशासक श्री प्रफुल पटेल को शतरंज की मशाल सौंपी इसके पश्चात अखिल भारतीय शतरंज महासंघ के उपाध्यक्ष भावेश पटेल ने संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमण एवं दीव तथा लक्षद्वीप के माननीय प्रशासक श्री प्रफुल पटेली को पुष्पगुछ तथा स्मृति चिन्ह देकर हार्दिक स्वागत किया इस अवसर पर माननीय प्रशासक श्री प्रफुल पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व एवं अनुभवी मार्गदर्शन में आज देश विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। देश उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हर क्षेत्र में अपना एक अलग मुकाम हासिल कर रहा है।उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने खेलों के विकास हेतु कई रणनीतिक कदम उठाए हैं। खेलों को बढावा देने और नई प्रतिभाओं को तलाशने के उद्देश्य से उन्होंने कई खेल योजनाओं को शुभारंभ किया है। ‘खेलो इंडिया’, फिट इंडिया, खेल प्रतिभा योजना पोर्टल, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए खेल योजना, ओलंपिक खेलों के लिए राष्ट्रीय विकास नीति के तहत लक्ष्य ओलंपिक पोडियम • योजना की शुरुआत की गई है।उन्होंने कहा कि संघ प्रदेश प्रशासन ने ‘खेलो इंडिया’ स्कीम के तहत सिलवासा में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सलेंस की स्थापना की है जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा अद्यतन सुविधाओं के साथ एथलेटिक्स, टेबल टेनिस और तीरंदाजी में चयनित खिलाडियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशासन प्रदेश के खिलाड़ियों की हर तरह की सुविधाएं देने के लिए कृत संकल्प है। आज उन्हें • मिल रही खेल सुविधाओं के बदौलत कई खिलाड़ियों ने इस प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। शतरंज के क्षेत्र में संघ प्रदेश के • फिडे रेटिंग प्राप्त चार खिलाड़यों के नामों का भी उन्होंने जिक्र किया।इस अवसर पर माननीय प्रशासक ने टोक्यो ओलंपिक, पैरा ओलंपिक आदि खेल प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के नामों का भी जिक्र किया और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए कदमों और किए गए सराहनीय प्रयासों का ही परिणाम है कि आज भारत के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं और अधिक से अधिक पदक भारत की झोली में डाल रहे हैं।• माननीय प्रशासक ने प्रासंगिक विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व में पहली बार 1927 में शतरंज ओलंपियाड की शुरुआत हुई थी और अब तक कुल 43 शतरंज ओलंपियाड आयोजित हो चुके हैं। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की 44वीं मेजबानी पहली बार भारत में की जा रही है। यह भारत के लिए गौरवपूर्ण अवसर है कि जहाँ शतरंज का जन्म हुआ उसी देश में इसकी मेजबानी की जा रही है। आज यह मशाल रिले दमण पहुंची है और इस ऐतिहासिक क्षण के हम गवाह बने हैं। इस अवसर पर प्रशासक ने 75 शहरों में दमण शहर को इस ऐतहासिक पल के लिए गवाह बनने का सुनहरा अवसर प्रदान करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का धन्यवाद किया साथ ही शतरंज ऑलंपियाड खेलों के लिए मशाल रिले की शुरुआत भारत से होने पर खुशी जाहिर की। यह न केवल भारत के लिए बल्कि शतरंज की इस गौरवशाली विरासत के लिए भी सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि बच्चे मोबाईल से दूर रह कर खेल के मैदान में जायें। इससे तन और मन दोनों स्वस्थ्य रहते हैं। सनातन संस्कृति में खेलों का अधिक महत्व दिया गया है। शतरंज के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स एक दिमागी खेल है। इसे खेलने से बच्चों का मस्तिष्क का विकास होता है। बच्चों को पढ़ाई के साथ किसी भी खेल में हिस्सा लेना उनके सेहत और बुद्धि के लिए अत्यंत जरूरी है क्योंकि स्वस्थ्य शरीर में ही स्वस्थ्य मन का विकास होता है। पढ़ाई के साथ-साथ खेल का जीवन में कितन महत्व है उस पर भी माननीय प्रशासक महोदय ने प्रकाश डाला।कार्यक्रम के अंत में संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमण एवं दीव तथा लक्षद्वीप के माननीय प्रशासक श्री प्रफुल पटेल ने आगे की यात्रा हेतु मशाल शतरंज ग्रैंड मास्टर तेजस बाकरे को प्रदान की।उल्लेखनीय है कि शतरंज ओलंपियाड को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 19 जून को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम से लॉच किया था। यह भारत के कई राज्यों और संघ प्रदेशों से गुजरेगी और आज अपने इसी पड़ाव में दमण पहुंची।इस अवसर पर नेहरू युवा केन्द्र, एनएसएस और बाल भवन के कलाकारों द्वारा शतरंज के इतिहास को दर्शाता हुआ एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुती की गई। इस कार्यक्रम में दमण एवं दीव के सांसद संघ प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारी, शतरंज के ग्रैंड मास्टर, शतरंज और अन्य खेल संगठनों के प्रतिनिधि एवं शतरंज खिलाड़ी, चुने हुए जन प्रतिनिधिगण, नेहरू युवा केन्द्र, भारतीय खेल प्राधिकरण, एनएसएस के अधिकारीगण, खेल प्रेमी एवं अन्य सभी नागरिक गण और विद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

प्लीज लाइक सेयर एण्ड कॅमेन्ट करे।

Happy
Happy
100 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

You may also like