और ये लगा शतक…*_*पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2022-23 में माल लदान में 100 मिलियन टन का आंकड़ा किया पार।

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पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2022-23 में माल लदान में 100 मिलियन टन का आंकड़ा किया पार* *_पश्चिम रेलवे ने माल लदान में हासिल की एक नई उपलब्धि_* *_100 मिलियन टन क्लब में प्रवेश करने वाला पहला नॉन-कोल सेंट्रिक जोनल रेलवे_* *_यह उपलब्धि 19 मिलियन टन से अधिक की वृद्धि के साथ हासिल की गई है_* पश्चिम रेलवे ने अपने इतिहास में पहली बार चालू वित्त वर्ष 2022-23 में माल लदान में 100 मिलियन टन (MT) हासिल किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 23.61% की भारी वृद्धि दर दर्ज करता है। यह भी उल्लेखनीय है कि पश्चिम रेलवे की स्थापना के बाद से यह अब तक की सर्वाधिक वृद्धिशील लोडिंग है। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री अशोक कुमार मिश्र ने इस उपलब्धि के लिए पूरी टीम को बधाई दी और भविष्य में भी इसी गति को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ये प्रयास राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 5 मार्च, 2023 को पश्चिम रेलवे ने यह उल्‍लेखनीय उपलब्धि हासिल की और पिछले सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड को तोड़ दिया। 2021-22 में पश्चिम रेलवे ने 7 वर्षों (2014-15 में 87.29 मीट्रिक टन) के बाद अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर अपना सर्वश्रेष्ठ 87.91 मीट्रिक टन लोड किया। इस वर्ष, पश्चिम रेलवे ने चालू वित्त वर्ष 2022-23 में 26 दिनों के शेष के साथ पिछले वर्ष की वार्षिक लोडिंग की तुलना में 23.61% (19.11 मीट्रिक टन) की लंबी छलांग लगाई है। इस मील के पत्थर को बनाते हुए, पश्चिम रेलवे की लोडिंग अब तक के सभी क्षेत्रीय रेलवे में सबसे अधिक वृद्धिशील लोडिंग है। 100 मीट्रिक टन से अधिक लोड करने वाले शीर्ष 5 रेलवे अर्थात ईस्ट कोस्ट रेलवे (ईसीओआर), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर), दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर), पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) और दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) परंपरागत रूप से कोयला केंद्रित रेलवे। हैं। पश्चिम रेलवे 100 एमटी क्लब में शामिल होने वाली नवीनतम और विविधीकृत फ्रेट बास्केट के साथ इस क्लब में प्रवेश करने वाली पहली गैर-कोयला बेल्ट रेलवे बन गई है। श्री ठाकुर ने बताया कि फरवरी, 2023 तक भारतीय रेल पर किये गये कुल लदान में पश्चिम रेलवे का योगदान लगभग 15% रहा है। फरवरी, 2023 तक पश्चिम रेलवे का संचयी भाड़ा नेट टन किलोमीटर (NTKM) 2021-22 में 74,967.96 मिलियन किलोमीटर से बढ़कर चालू वर्ष में 95,969.1 मिलियन किलोमीटर हो गया है, जिसमें 28.01% की वृद्धि दर्ज की गई है। यह इस तथ्य के कारण है कि माल ढुलाई में वृद्धि के अलावा फ्रेट लोडिंग में भी वृद्धि हुई है, जो 2021-22 में 941 KM से बढ़कर चालू वित्त वर्ष में 973 हो गई है, जो 3.4 प्रतिशत अधिक है। अब तक, पश्चिम रेलवे ने पिछले वर्ष की तुलना में विभिन्न वस्तुओं के लदान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। कोयले में 136.9% की वृद्धि दर्ज की है जबकि खाद्यान्नों में 58.02% की वृद्धि देखी गई है। पीओएल उत्पादों की लोडिंग में 25.40%, उर्वरक में 16.8%, सीमेंट में 14.85% और कंटेनर लोडिंग में 7.2% की वृद्धि हुई है। पश्चिम रेलवे कंटेनर, उर्वरक और खनिज तेल श्रेणियों में भारतीय रेलवे की समग्र लोडिंग में भी सबसे बड़ा योगदानकर्ता बन गया है। कंटेनरों के लदान में लगभग 34.1%, उर्वरक का 32.6% और खनिज तेल का 22.7% योगदान होता है।

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