लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में स्मृति शेष डॉ. आर. के. देवी मिश्रा एवं लाल जी मिश्रा की पुण्यतिथि में गठित युगधारा फाउंडेशन तथा मुक्तक लोक संपूर्ण हिंदी-साहित्यांगन ने २६ मई २०२४ को होटल विश्वनाथ चारबाग में युग ‘युगधारा’ का स्थापना दिवस सामूहिक रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में स्मृति शेष डॉ. आर. के. देवी मिश्रा एवं लाल जी मिश्रा की पुण्यतिथि में गठित युगधारा फाउंडेशन तथा मुक्तक लोक संपूर्ण हिंदी-साहित्यांगन ने २६ मई २०२४ को होटल विश्वनाथ चारबाग में युग ‘युगधारा’ का स्थापना दिवस सामूहिक रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महासचिव सौम्या मिश्रा ‘अनुश्री’ द्वारा संपादित समकालीन सृजन के सशक्त हस्ताक्षर, का लोकार्पण किया गया, पुस्तक परिचर्चा के साथ-साथ सामाजिक विषयों पर भी वैचारिक गोष्ठी हुई, उपस्थित प्रत्येक सहभागी को सम्मानित किया गया, प्रत्येक कवियों को शाल, प्रतीक चिन्ह, माला, सम्मान पत्र, श्रीरामचरण स्मृति चिन्ह आदि से अलंकृत किया गया। इन सम्मानितों में ‘पूजा गुप्ता मिर्जापुर’ से काव्य गोष्ठी में भाग लेकर अपनी दो कविता ” मेरे मुस्कुराने की वजह” और ” मैं पुरुष हूं” का वाचन करके कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। उनकी तारीफ में तालियों की गड़गड़ाहट से पूरे परिसर में एक त्यौहार जैसा माहौल हो गया। इसमे प्रतिभागी सभी कवियों और कवयित्रियों द्वारा कविताओं का वाचन कार्यक्रम को सफल बनाया। जिसमें ‘पूजा गुप्ता मिर्जापुर उत्तर प्रदेश’ से आई कवयित्री को भी “युगधारा रत्न” से सम्मानित किया गया उन्हें चार पुस्तकें, शाल, स्मृति चिन्ह, माला, सम्मान पत्र, दिया गया। पूजा गुप्ता सामजिक कुरीतियों पर अपनी लेखनी से अखबारो और पत्रिकाओं में लिखती आ रही है। वे समाज में व्याप्त बुराईयों को खत्म करने के लिए कार्यरत हैं। घर बैठी महिलाओ को साहित्य के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का सराहनीय कदम उठाया है, जो काबिले तारीफ है।
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