चिखली कोळी समाज के स्नेह मिलन कार्यक्रम में सांसद उमेश पटेल का ओजस्वी और बेबाक संबोधन।

— “समाज एक हो तो मुख्यमंत्री ही नहीं, देश का प्रधानमंत्री भी कोळी समाज का हो सकता है”चिखली कोळी समाज द्वारा आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम में दमन–दीव के माननीय सांसद श्री उमेश पटेल ने समाज के भविष्य, एकता, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी को लेकर अत्यंत प्रभावशाली और विचारोत्तेजक संबोधन दिया।इस अवसर पर मंच पर कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री मणीलाल पटेल, गुजरात के विधायक श्री भरतभाई पटेल, पूर्व मंत्री श्री करसनभाई पटेल, चिखली कोळी समाज के अध्यक्ष श्री समीरभाई पटेल सहित विभिन्न जिलों से आए कोळी समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।अपने संबोधन में सांसद उमेश पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि“कोळी समाज संख्या में बहुत बड़ा है, लेकिन आज भी उसे उसकी वास्तविक राजनीतिक और सामाजिक शक्ति नहीं मिल पाई है। यदि समाज संगठित हो जाए, तो गुजरात का मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि देश का प्रधानमंत्री भी कोळी समाज से हो सकता है।”उन्होंने कहा कि आज कोळी समाज के साथ शिक्षा, रोजगार और राजनीति – तीनों क्षेत्रों में अन्याय हो रहा है, लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या हम स्वयं इसके लिए तैयार हैं?उन्होंने समाज के नेताओं से आत्ममंथन करने का आह्वान करते हुए कहा कि जब तक समाज अपने भीतर की ईर्ष्या, विभाजन और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर नहीं उठेगा, तब तक वास्तविक परिवर्तन संभव नहीं है।सांसद पटेल ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि“हमें नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी पैदा करने वाले युवा चाहिए। डिग्री से ज्यादा जरूरी दिशा और संकल्प है।”उन्होंने युवाओं से राजनीति को गंदा कहकर दूर भागने के बजाय नीति-निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।अपने भाषण में उन्होंने यह भी कहा कि“जो समाज अपने अपमान को स्वीकार कर लेता है, वह अपना भविष्य भी खो देता है। समाज को यह तय करना होगा कि किसे सम्मान देना है और किसे नहीं।”अंत में सांसद उमेश पटेल ने समाज से संकल्प लेने का आह्वान किया कि कोळी समाज अब केवल मतदाता नहीं, बल्कि दिशा तय करने वाली शक्ति बनेगा।उन्होंने कहा कि जब समाज जागेगा, तब इतिहास बदलेगा।कार्यक्रम का समापन“जय कोळी समाज, जय युवा शक्ति, जय हिंद”के नारों के साथ हुआ।जारी कर्ता lसांसद कार्यालय,दमन एंड दिव।
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