भारत मौसम विज्ञान विभाग के संख्यात्मक मॉडल के विश्लेषण के अनुसार 10 जून से 14 जून के दौरान राज्य के दक्षिणी भाग के अधिकांश जिलों के अनेक स्थानों में लू उष्ण लहर (हीट वेव) तथा उत्तरी भाग के कुछ जिलों के एक या दो स्थानों में उष्ण लहर (हीट वेव) की स्तिथि बने रहने की प्रबल संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के संख्यात्मक मॉडल के विश्लेषण के अनुसार 10 जून से 14 जून के दौरान राज्य के दक्षिणी भाग के अधिकांश जिलों के अनेक स्थानों में लू उष्ण लहर (हीट वेव) तथा उत्तरी भाग के कुछ जिलों के एक या दो स्थानों में उष्ण लहर (हीट वेव) की स्तिथि बने रहने की प्रबल संभावना है।इस मौसम गतिविधि की 15-16 जून से सामान्य होने की प्रबल संभावना है।उक्त मौसम के आलोक में नागरिकों को उचित सावधानी एवं सुरक्षा उपाय बरतने तथा आपदा प्रबंधन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।हीट वेव (उष्ण लहर) की स्तिथि में क्या करें और क्या न करेंहीट वेव की स्थिति के परिणामस्वरूप शारीरिक तनाव हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप मृत्यु भी हो सकती है। हीट वेव के दौरान प्रभाव को कम करने और हीट स्ट्रोक के कारण होने वाली गंभीर बीमारी या मृत्यु को रोकने के लिए, आप निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं:धूप में विशेष रूप से दोपहर 12.00 बजे से 3.00 बजे के बीच बाहर जाने से बचें।पर्याप्त पानी पिएं और जितनी बार संभव हो, भले ही प्यास न लगी हो।हल्के, हल्के रंग के, ढीले और झरझरा सूती कपड़े पहनें। धूप में बाहर जाते समय सुरक्षात्मक चश्मे, छाता/टोपी, जूते या चप्पल का प्रयोग करें।बाहर का तापमान अधिक होने पर श्रमसाध्य गतिविधियों से बचें। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर काम करने से बचे। यात्रा के दौरान अपने साथ पानी जरूर रखें।शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय से बचें, जो शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन न करें।
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