दमण एवं दीव के लोकलाडीले सांसद श्री उमेशभाई पटेल ने आज संघप्रदेश दमण एवं दीव की आज़ादी के बाद इतिहास में पहली बार किसी सांसद ने (पार्लियामेंट) सदन में एम्स अस्पताल की माँग की

Views: 266
1 0

Read Time:6 Minute, 48 Second

आज संघप्रदेश दमण एवं दीव की आज़ादी के बाद इतिहास में पहली बार किसी सांसद ने (पार्लियामेंट) सदन में एम्स अस्पताल की माँग की है वह सांसद श्री उमेश पटेल ने। दमण एवं दीव के लोकलाडीले सांसद श्री उमेशभाई बाबूभाई पटेल जी लगातार हमारे प्रदेष की समस्याओ को संसद मे उठा रहे है आज उन्होंने अपने प्रदेश दमण एवं दीव की स्वास्थ संबंधित विभिन्न माँगे रखी ।महोदय , आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बजट वर्ष 2024- 25 के अनुदान मांगों पर बोलते हुए उन्होंने सदन को बताया कि आजादी के ६३ साल बीत जाने के बावजूद भी हमारे छोटे से प्रदेश में स्वास्थ के संबंधित की हालत बहुत ही दयनीय है हमें अपने छोटे से छोटे इलाज के लिए गुजरात और महाराष्ट्र पर निर्भर रहना पड़ता है। हमारे सरकारी हॉस्पिटलों में अब मुफ्त में इलाज तक नहीं मिलता है जो बेहद ही दुख:द है। उन्होंने हमारे मेडिकल कॉलेज के बारे मे रजुआत मे कहा है की, हमारी मेडिकल कालेज यशस्वी प्रधानमंत्री जी की एक महत्वपूर्ण और महत्त्वाकांक्षी योजना है। लेकिन इन कॉलेजों में रेगुलर स्टाफ ही नहीं होने से मेडिकल कॉलेज आज बंद होने के कगार पर है। कहा जा रहा है कि इंडियन मेडिकल काउंसलिंग ने लेटर दिया है कि अगर फैकल्टी नियमित नहीं रखोगे तो कॉलेज को बंद कर दिया जाएगा। सांसद जी ने सरकार से निवेदन किया है की अगर बजट की कमी है तो बजट दिया जाए और बजट का प्रोविजन नहीं है तो प्रोविजन करके बजट दे। और हमारी कॉलेज को मान्यता रद्द होने से रोका जाएं।उन्होने कहा की हमारा प्रदेश देश के नक्शे में चावल के दाने जितना ही और इतने छोटे प्रदेश के लोगो को भी मुफ्त में इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्होने सरकार से पूछा की जब सरकारी अस्पताल में भी लोगो को हमे मुफ्त में इलाज ना मिले तो गरीबों को इलाज कहां मिलेगा?सरकार द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाया जाता है, पर दुखद है कि वह आयुष्मान कार्ड दमन एवम दीव के बाहर नहीं चलाया जा रहा है। कहा जाता है कि प्रशासन उसका भुगतान समय पर नहीं करता जिसका खामियाजा भी वहां की जनता भुगत रही है। बिना इलाज के लोग मर रहे हैं।आज उन्होने दो दो दर्दनाक बातो को सरकार के समक्ष रखना चाहता हूं,1,एक उतर भारतीय प्रजापति का मुझे 7 दिन पहले फोन आया और उसने कहा की उसकी पत्नी की हालत बहुत खराब है जिसको वह वापी, गुजरात की हरिया हॉस्पिटल इलाज के लिए लाया हैं,पर उसके पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नही है और उसने कहा उसके पास आयुष्मान कार्ड भी नही है और अभी जब वह आयुष्मान कार्ड बनाने गया तो उसको आयुष्मान कार्ड बनाने से मना कर दिया गया, कहा गया की आयुष्मान केवल 3 महीने ही बनते है जिस की समय सीमा खत्म हो गई है,तो कार्ड नही बनेगा। मैने उससे कहा की उनको हॉस्पिटल में ऐडमिटकरवा दे , मेने वहा बात करी ऐडमिट करवाया पर यह सब करवाने समय निकल गया और महीला बीना इलाज के मर गई। एक और बात भी कहनी है मुझे 20 दिन पहले एक गरीब व्यक्ति का फोन आया उसने मुझे दर्दनाक बात बताई उसने कहा की मे अपनी बहन को इलाज के लिए सिलवासा सरकारी हॉस्पिटल लाया हूं, जिसका देहांत हो गया है अब उसके डेड बॉडी को अग्नि संसकार के लिए दमण लाना है पर सरकारी सब वाहिनी एम्बुलेंस वाला 2000 रूपिए मांग रहा है और मेरे पास केवल 50रूपिये है और रोने लगा। फिर मैंने मदद की वह दूसरी बात है,पर हालत यह है की हमारे प्रदेश में लोग बिना इलाज के मर रहे है और मरने पर उन्हें सब वाहिनी तक नसीब नहीं हो रही है।उन्होने सरकार सेअनुरोध किया है की , सरकारी हॉस्पिटल मे मुफ्त मे इलाज मिले, एम्बुलेंस एवम सबवाहन जैसी हैल्थ सुविधा की व्यवस्था फ्री की जाए। साथ ही आयुष्मान कार्ड की अवधि जो 3 महीने में ही नया बनता है या रिन्यू किया जाता है। उसको पूरा साल किया जाए और आयुष्मान कार्ड को प्राइवेट हॉस्पिटलों में भी मान्य रखा जाए और आयुष्मान कार्ड की 5 लाख की रकम जो सीमा अंकित की गई हैं।उसको 10 लाख रुपए तक किया जाए और साथ ही निवेदन है कि सरकारी हॉस्पिटलों में नसों की कमी, निष्णात डॉक्टरों की कमी एवम हेल्थ स्टाफ के साथ सपोटिंग स्टाफ की भारी कमी हैं,जो भी रिक्रूटमेंट बाकी है,जो सैंक्शन पोस्ट खाली पड़ी है। उसको तुरंत नियमित तौर पर भरे जाए साथ हमारी मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की भर्ती नियमित तौर पर भरी जाए और। उन्होने हमारे प्रदेश मे एक एम्स की स्थापना करने की बडी मांग की है जिससे प्रदेश के लोगो को अधिक सुविधा मिल सके,साथ ही प्रदेश के लिए हेल्थ सुविधाएं के लिए पूरा बजेट दे साथ हमारे प्रदेश के लिए हमे विषेश बजेट दिया जाय।

Happy
Happy
100 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

You may also like