शनिवार को वापी में पुलिस अधीक्षक डा. करण राज बाघेला के मार्गदर्शन में वलसाड जिला पुलिस स्वत्रंतता दिवस की तैयारी की रिहर्सल कर रही थीं. इस मौक़े पर गुंजन पुलिस चौकी पर एक समारोह हुआ जिसमें पुलिस बैंड ने देशभक्ति पर आधारित कई गीत बजाए..इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे..

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..देव आनंद महानामा

साहब, मुझे भी पुलिस बनना है.

शनिवार को वापी में पुलिस अधीक्षक डा. करण राज बाघेला के मार्गदर्शन में वलसाड जिला पुलिस स्वत्रंतता दिवस की तैयारी की रिहर्सल कर रही थीं. इस मौक़े पर गुंजन पुलिस चौकी पर एक समारोह हुआ जिसमें पुलिस बैंड ने देशभक्ति पर आधारित कई गीत बजाए..इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

उस दौरान गुब्बारे बेचने वाले करीबन एक दर्जन छोटे छोटे बच्चे मंच के इधर उधर घूम रहे थे.इनमें से तीन बच्चे तो मंच के करीब ही पहूंच गए. एक बच्चा पुलिस कर्मियों के साथ बैठ गया. दो बच्चे करीब ही खड़े रहे. ये बच्चे बड़ी तल्लीनता से बैंड की धुन सुन रहे थे, समझ रहे थे और बहुत खुश हो रहे थे.कुछ होमगार्ड कर्मियों ने इन बच्चों को भगाने की कोशिश की मगर ढीढ़ बच्चे जैसे तैसे मंच के करीब पहुंच ही गए..उस दौरान वापी के बड़े बड़े पत्रकार पुलिस अधिकारियों को खुश करने में लगे हुए थे, मगर इस नाचीज़ ने इन बच्चों पर ही अपना फोकस बनाए रखा.. इसी बीच एक सहृदय पुलिस अधिकारी (मुझे नाम नहीं मालुम वरना लिख देता) ने इन बच्चो को नाश्ते की प्लेट और पानी की बोतल भी दी.. जिसे देखकर अच्छा लगा और उस अधिकारी के प्रति मन आदर से भर गया.काश ,इन बच्चों को भी शिक्षा, स्वास्थ्य और घर मिलता तो ये भी देश की मुख्य धारा से जुड़ पाते..मेरी एसपी साहब से गुजारिश है कि अगर पुलिस विभाग इन खानाबदोश बच्चों को गोद लेकर इनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास की व्यवस्था करवाए तो उन्हें बहुत दुआ मिलेगी. ये बच्चे उठाईगीर, चोर और अपराधी बनने से बच जायेंगे .जिले में बमुश्किल 200 या 300 खानाबदोश बच्चे होंगे…इसकी जिम्मेदारी पुलिस किसी NGO को भी दे सकती है.. अगर ये कार्य पुलिस कर देती है या करवा देती है तो ये मानवता पर बहुत बड़ा अहसान होगा…

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