दिनांक 23 नवम्बर 2025, रविवार को झरी मरी माता मंदिर हॉल, खारीवाड, दमण में तालुकास्तरीय एक दिवसीय मूल्यसंस्कार एवं व्यक्तित्व विकास शिविर दमण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

वापी-दमण। अखिल भारतीय श्री स्वामी समर्थ गुरुपीठ, श्री क्षेत्र त्र्यंबकेश्वर (शाखा: वापी-दमण साप्ताहिक सेवा केंद्र) द्वारा परमपूज्य गुरुमाऊली के आशीर्वाद से तथा गुरुपुत्र आदरणीय श्री नितीन भाऊ के प्रमुख मार्गदर्शन में दिनांक 23 नवम्बर 2025, रविवार को झरी मरी माता मंदिर हॉल, खारीवाड, दमण में तालुकास्तरीय एक दिवसीय मूल्यसंस्कार एवं व्यक्तित्व विकास शिविर दमण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यक्रम में दमण व वापी के विभिन्न विद्यालयों से 200 छात्र-छात्राओं ने अपने माता-पिता और शिक्षकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर का उद्देश्य बच्चों के नैतिक, सांस्कृतिक, मानसिक तथा शारीरिक विकास के साथ-साथ उत्तम चरित्र निर्माण को प्रोत्साहन देना था।शिविर के प्रमुख अतिथि के रूप में🔹 सौ. अश्विनी राणे, डायरेक्टर – पोदार जम्बो किड्स, वापी🔹 श्री समीप भाई सुर्वे, अध्यक्ष – विश्व हिंदू परिषद🔹 श्री जयंतिलाल, काउंसिलर – दमन म्युनिसिपलउपस्थित रहे।अतिथिगणों ने बच्चों को प्रेरणादायी मार्गदर्शन व उत्साहवर्धक संबोधन देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम का गौरव और अधिक बढ़ा।शिविर का शुभारंभ सुबह 9.00 बजे अधिष्ठान मांडणी एवं प्रतिमा पूजन से हुआ। इसके बाद दीपपूजन, गणेश वंदना, प्रार्थना, ध्यान, ओमकार जप, प्राणायाम-योगासन, सरस्वती पूजन तथा मातृ-पितृ पूजन के माध्यम से आध्यात्मिक एवं संस्कारमय वातावरण निर्मित हुआ।शिविर के अंतर्गत रंगोली, चित्रकला एवं वक्तृत्व प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनके विषय इस प्रकार थे:1️⃣ दिंडोरी प्रणित 18 ग्राम अभियान2️⃣ पर्यावरण एवं प्रकृति3️⃣ भारतीय सण–संस्कृति4️⃣ भारतीय थोर पुरुष5️⃣ भारतीय जवान एवं भारतीय किसाननिर्धारित विषयों के आधार पर छात्रों ने अत्यंत उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। प्रत्येक स्पर्धा के लिए तीन पुरस्कार घोषित किए गए। सभी प्रतिभागियों को गुरुमाऊली के शुभ आशीर्वाद सहित प्रमाणपत्र तथा दिंडोरी प्रणित पेन प्रदान किए गए। आयोजक मंडल ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगिताओं हेतु आवश्यक सामग्री प्रतिभागियों द्वारा स्वयं लाई गई थी तथा चित्रकला स्पर्धा हेतु बनाए गए चित्र विद्यार्थियों द्वारा घर से ही तैयार कर लाए गए थे।दोपहर में मांडीयाळी (भोजन) की सुंदर व्यवस्था की गई। मार्गदर्शन सत्र, खेलकूद, पसायदान एवं राष्ट्रगीत के साथ शिविर का समापन हुआ।शिविर में उपस्थित बालसंस्कार सेवेकरी, बाल संस्कार प्रतिनिधि, पालक वर्ग एवं शिक्षकगण ने बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे उपक्रमों की सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।अखिल भारतीय श्री स्वामी समर्थ गुरुपीठ का यह उपक्रम “संस्कार–संस्कृति–चारित्र्य निर्माण : राष्ट्र निर्माण” के संकल्प को चरितार्थ करने वाला अत्यंत प्रेरणादायी एवं सफल आयोजन सिद्ध हुआ।
Average Rating