श्री राजस्थान जैन संघ के नेतृत्व में श्री सादडी रणकपुर जैन मंडल द्वारा वापी औद्योगिक नगरी वापी की धन्य धरा पर महामांगलिक संक्रांति महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न किया गया।

श्री राजस्थान जैन संघ  के नेतृत्व में  श्री सादडी रणकपुर जैन मंडल द्वारा वापी  औद्योगिक नगरी वापी की धन्य धरा पर महामांगलिक संक्रांति महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न  किया गया।
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परम पूज्य पंजाब केसरी आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय वल्लभ सूरीश्वरजी म.सा. के समुदाय वर्ती परम पूज्य वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य भगवंत गुरु वल्लभ की छवि के समक्ष श्री दिनेश भाई, श्री अमृत भाई, श्री विमल भाई, श्रीसंपत भाई, श्री विजय भाई और श्री केवल भाई ने दीप प्रज्वलित किया। श्रीमद् विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा साधू-साध्वीवृंद के साथ श्री राजस्थान जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ, भैरुधाम वापी में श्री पाश्वंनाथ भगवान के जन्म व दीक्षा कल्याणक निमित अठ्ठम तप तथा संक्रांति पर्व के उपलक्ष मेंदिनांक 10 दिसंबर 2025 बुधवार को प्रातः 7.30 बजे बैंड बाजों के साथ चार्तुविध संघ के साथ नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए श्री सुपार्श्वनाथ जिन मंदिर के दर्शन करके उपाश्रय में धर्म सभा हुई।पूज्य वर्तमान गच्छाधिपति ने श्री परमार क्षत्रियोंद्वारक आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय इंद्र दिन सूरीश्वरजी म.सा. की पुण्यतिथि होने के कारण उनका गुणानुवाद किया तथा पोष दसमी के निमित्त ज्यादा से ज्यादा अठ्ठम तप की आराधन करें।पोष वदी नवमी दिनांक 13 दिसंबर के जिन मंदिर में श्री शक्रस्तव अभिषेक का आयोजनहुआ। पोष वदी दशम दिनांक 14 दिसंबर को प्रातः 7.30 बजे श्री पार्श्वनाथ भगवान केजन्मकल्याणक के निमित्त भव्य वरघोडा निकाला गया। इस अवसर पर संघ के सैकडों भाई-बहन उपस्थित थे।पोष वदी एकदशी दिनांक 15 दिसंबर को जिन मंदिर में रंगारंग भक्ति कार्यक्रम का आयोजनहर्षोल्लास के साथ हुआ। दिनांक16 दिसंबर को पूज्य श्री की पावन निश्रा में संक्रांति महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ नूतन संकुल में मनाया गया। पूज्य श्री ने प्रवचन में कहा-धर्म मात्र विचार नहीं, आचार्य स्वरूप भी है। धर्म विभाव नहीं स्वभाव है। धर्म मात्र कल्पना नहीं, प्रयोगात्मक है। गति-मति, स्थिति में सुधार धर्म से ही आता है। जो धर्म को धारण करता है, उसी का जीवन बदलता है। धर्म से ही धर्म से ही जीवन ऊंचा उठ सकता है। पशुता से प्रभुता मिल सकती है, जीवन को सही दृष्टि व दिशा मिल सकती है।इस प्रशंग पर श्री आत्म-वल्लभ जैन मंडल सादडी ने 2026 का चातुर्मास पालीताणा तीर्थ में करने के लिए पूज्य गच्छाधिपति आचार्य भगवंत को आग्रह भरी विनंती की। पूज्य श्री ने विनंती को स्वीकार करके अनुमाति प्रदान की। इस अवस पर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मुंबई आदि से अनेक भक्तगण पधारे थे। संपूर्ण कार्यक्रम के लाभ श्री नाकोडा शोशियल ग्रुप, वापी एवं श्री सादडी राणकपुर जैन संघ, के सभी कमेटी मेंबर उपस्थित थे कमेटी मेंबर के नाम इस प्रकार है।धणपत बाफना, पुष्पेंद्र भंडारी, सचिन बंबोली,विनोद परमार , महेंद्र गुगलिया, राजू बाफना,श्री पाल परमार,राकेश बाफना, प्रमोद पारलेचा।

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