तुम्हारे पिता ने मेरी कोख रुपी धरती पर, प्यार का बीज बोया, मैंने उसे अपने खुन से सींचा, स्नेह, अपनेपन की खाद डाली, उस बीज मेसे जो अंकुर फूटा वो तुम थे।
डॉ. संध्या मेरिया तुम्हारे पिता ने मेरी कोख रुपी धरती पर, प्यार का बीज बोया, मैंने उसे अपने खुन से...