माननीया रेल राज्य मंत्री श्रीमती दर्शना जरदोश ने नवपरिवर्तित एलएचबी रेक के साथ फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।
माननीया रेल राज्य मंत्री श्रीमती दर्शना जरदोश ने नवपरिवर्तित एलएचबी रेक के साथ फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना ।*नया रेक बेहतर आराम प्रदान करेगा और यात्रियों की संरक्षा में वृद्धि सुनिश्चित होगी*_फोटो कैप्शन: पहली तस्वीर में माननीया केंद्रीय रेल एवं वस्त्र राज्य मंत्री श्रीमती दर्शना जरदोश 16 जुलाई, 2023 को मुंबई सेंट्रल स्टेशन से नवपरिवर्तित लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) रेक के साथ मुंबई सेंट्रल-सूरत फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए। दूसरी तस्वीर में माननीया मंत्री ट्रेन में सफ़र करते हुए दिखाई दे रही हैं।_माननीया केंद्रीय रेल एवं वस्त्र राज्य मंत्री श्रीमती दर्शना जरदोश ने 16 जुलाई 2023 को मुंबई सेंट्रल स्टेशन कॉनकोर्स में आयोजित एक समारोह में ट्रेन संख्या 12921/12922 मुंबई सेंट्रल-सूरत फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस के नवपरिवर्तित लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) रेक को मुंबई सेंट्रल स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रीमती जरदोश ने माननीय सांसद श्री गोपाल शेट्टी और माननीया विधायक श्रीमती मनीषा चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में इस प्रतिष्ठित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। माननीया राज्य मंत्री ने इस बेहद लोकप्रिय ट्रेन में यात्रियों के साथ सूरत तक यात्रा भी की। सूरत स्टेशन पर माननीय विधायक श्री किशोरभाई कनानी (कुमार), श्री प्रवीणभाई घोघारी, श्री कांतिभाई बलर, श्री अरविंद राणा और श्री मनुभाई एम. पटेल ट्रेन का स्वागत करने के लिए उपस्थित रहेंगे।पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार माननीया रेल राज्य मंत्री श्रीमती जरदोश ने सभा को संबोधित किया और प्रसन्नता प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मुंबई और सूरत के लिए गर्व का क्षण है कि इस प्रतिष्ठित ट्रेन को एक और मेकओवर मिला है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नया एलएचबी रेक यात्रियों को अतिरिक्त आराम प्रदान करेगा और उनकी बेहतर संरक्षा सुनिश्चित करेगा।बेहद लोकप्रिय मुंबई-सूरत फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस के बारे में बताते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि यह ट्रेन पहली बार 1906 में शुरू हुई थी। एक बड़ी सभा में बॉम्बे सेंट्रल में बुलसर (अब वलसाड) के तत्कालीन जिला अधीक्षक की पत्नी ने ट्रेन का नाम फ्लाइंग रानी रखा था। इसके बाद बीच-बीच में इसकी सेवाओं को रोका गया लेकिन लगभग 1950 से यह लगातार पटरी पर है। यह प्रतिष्ठित ट्रेन पूरे समर्पण के साथ मुंबई और सूरत के बीच लोगों की परिवहन संबंधी जरूरतों को पूरा कर रही है।वर्ष 1965 में, फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस ट्रेन ने एक और उपलब्धि हासिल की जब इसे देश की सबसे तेज़ मध्यम दूरी की ट्रेन घोषित किया गया। इसी दौरान, इस ट्रेन के डिब्बों का रंग बदला गया और पश्चिम रेलवे द्वारा इसे नीले रंग का एक अलग हल्का एवं गहरा कोट दिया गया। नवंबर, 1976 में इस ट्रेन को हल्के और गहरे हरे रंग में रंगा गया। जून, 1977 से यह ट्रेन परिष्कृत विद्युत कर्षण पर चलाई जाने लगी। 18 दिसंबर, 1979 को फ्लाइंग रानी भारतीय रेल के इतिहास में डबल-डेकर कोचों वाली पहली ट्रेन बन गई। यह ट्रेन यात्रियों, व्यवसायियों और व्यापारियों के बीच लोकप्रिय है क्योंकि यह दो वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ती है।_फोटो कैप्शन: लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) रेक के साथ मुंबई सेंट्रल-सूरत फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस की एक झलक।_श्री ठाकुर ने आगे बताया कि यात्रियों के यात्रा अनुभव को और अधिक सुखकर बनाने के लिए पश्चिम रेलवे द्वारा ट्रेन संख्या 12921/12922 मुंबई सेंट्रल-सूरत फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस को 16 जुलाई, 2023 से मुंबई सेंट्रल से तथा 17 जुलाई, 2023 से सूरत से पारंपरिक रेक के बजाय एलएचबी रेक के साथ चलाया जा रहा है । इस ट्रेन में 21 कोच होंगे जिनमें दो एसी चेयर कार (आरक्षित), 7 आरक्षित सेकेंड क्लास सीटिंग कोच, 7 अनारक्षित सेकेंड क्लास सीटिंग कोच, 1 कोच प्रथम श्रेणी एमएसटी पासधारकों के लिए, 1 कोच सेकंड क्लास मासिक पास धारकों, 1 कोच महिलाओं के लिए और एक कोच द्वितीय श्रेणी एमएसटी महिला पासधारकों के लिए निर्धारित रहेगा। वर्तमान में, फ्लाइंग रानी एक्सप्रेस प्रतिदिन सुबह 05.10 बजे सूरत से रवाना होती है और सुबह 09.50 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचती है। वापसी में, यह ट्रेन 17.55 बजे मुंबई सेंट्रल से प्रस्थान करती है और उसी दिन 22.35 बजे सूरत पहुंचती है।
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